Tuesday, April 26, 2011

पिछली यादों के साये ....



आज बस मन क्र गया कुछ दिल से लिखा हुआ पड़ने का, इसलिए इस पेज पर दोबारा आया। कुछ लिखते ख़त्म की और कुछ को संवारा। आज कल लिखने का मन नही करता । अपना पूरा समय मेन अकादमिक कामो को दे रहा हूँ। इसलिए भावनाओं में बहना बंद कर अब कुछ सृजनात्मक करने के प्रयास में हूँ। अगर कभी मन किया तो दोबारा इस पेज पर लिखना शुरू करूंगा। खुश रहना और हमे याद रखना । फिर मिलते हें।